पठानकोट (जुगियाल) :1 अगस्त को बैराज बांध पावर हाउस का बंद करवाया जायेगा निर्माण कार्य : बैराज संघर्ष कमेटी

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बांध विस्थापितों ने किया रोष प्रदर्शन
बांध प्रशासन बैराज औसतियों के लिए नही कुछ कर रहा। 
  
पठानकोट (जुगियाल) केके हैप्पी 
 
गांव कुम्वाल मे रोष प्रदर्शन करते हुए बैराज संघर्ष कमेटी के सदस्य। 
     शनिवार को शाहपुर कंडी बैराज संघर्ष कमेटी की ओर से कमेटी के अध्यक्ष दयाल सिंह की अध्यक्षता मे गांव कुम्वाल मे ऐक विशेष बैठक की और प्रशासन के खिलाफ रोष धरना दिया। जिस की जानकारी देते हुए कमेटी के अध्यक्ष दयाल सिंह ने बताया कि वह लोग लंम्बे समय से अपनी मांग को लेकर रोष प्रदर्शन और धरने लगा बैठे है।
 
उन्होनों बताया कि इसी प्रदर्शन को लेकर वह लोग आत्मा हत्या करने के प्रयास से तीन बार टंकी और वीएसएनऐल के टावरों पर चढ़ कर आत्मदाह की कोशिश भी कर चुके है। पर बांध प्रशासन और जिला प्रशासन उन लोगों को मात्र आश्वासन और कोरोना काल का बहाना लगा कर गुम राह कर रहा है। उन्होने कहा कि वहां पर कोरोना नही यहां पर रोजाना सैकड़ों कर्मचारी बैराज निर्माण मे लगे हुए है।
 
इस मौके पर दयाल सिंह ने बताया कि 30 मार्च को दो प्रदर्शन कारी 150 फीट टावर पर आत्मदाह करने को चढ़े थे पर बांध प्रशासन और जिला प्रशासन ने फिर ऐक बार इन लोगों से फिर ठगी मार कर उनको 6 अप्रैल को रोजगार का झांसा देकर और मान्नीय पूर्व डीसी गुरप्रीत सिंह खेहरा की रिप्रोट चंडीगढ़ भेजने और 15 से 20 दिन मे उस पर सुनवाई का आश्वासन दे कर टावरों से नीचे उतरवाया था । पर आज 106 दिन के बाद भी बांध प्रशासन और जिला प्रशासन ने उस पर कोई कारबाई नही की। इस मौके उन्होने कहा बैराज प्रशासन मात्र उनको लारे लप्पे ही ला रहा है। बार बार आश्वासन देने के बाद भी कोई कारवाई नही हो रही। 
               इस मौके पर दयाल सिंह ने कहा कि बहुत से डमी बैराज औसतियों ने ऐक ऐक मरला जगह लेकर अपना औसती प्रमाण पत्र बना कर रोजगार लिया है और जिन लोगों की अपनी खेती योग्य भूमि दी है वह आज दर दर की ठोकरें खाने को मजबूर है। उन्होने कहा कि पूर्व एसडीएम धार कलां सौरव अरोड़ा की जांच मे साफ लिखा गया है कि यह लोगों ने मरला मरला जगह लेकर अपने औसती प्रमाण पत्र के सहारे रोजगार लिया है जो गलत है। उन्होने कहा कि अगर बांध प्रशासन और पंजाब सरकार ने उनको रोजगार नही देना है तो साफ कहे और उनकी अधिगृह भूमि वापिस सौपें जो सरकार ने उनको मुआवजा दिया है वह लोग सूद समेत वापिस करने को तैयार है।
 
उनहोने कहा कि अगर 1 अगस्त तक अगर उनकों रोजगार हासिल होता है तो ठीक है नही तो वह लोग 1 अगस्त के बाद  गांव हरूर मे चल रहा बैराज बांध के पावर हाउस का कार्य बंद करवाया जाये गा। इस के इलावा फिर पह लोग किसी ना किसी टंकी यां उच्ची इमारत पर चढ़ कर रोष प्रदर्शन करें गे और आत्म हत्या भी कर सकते है। दस मौके पर उन्होने वोगस भर्ती किए गए लोगों को बाहर का रास्ता दिखाने और असली बैराज औसतियों को रोजगार देने की मांग की है।  इस मौके पर शर्म सिंह, औकार सिंह, मनधीर कुमार, तेल सिंगर, अतुल सिंह, सौरव सिंह, महिंदर सिंह, बल्लू पाडा, कुलविंद्र सिंह के इलावा अन्य मौजूद थे। 
 
क्या कहते है बैराज बांध परियोजना के चीफ इंजीनियर …….  
  इस संबंध मे जब शाहपुर कंडी बांध परियोजना के चीफ इंजीनियर मान्नीय राम दर्शन से बात की गई तो उन्होने बताया कि उनके कार्यलय के द्वारा बैराज औसतियों का केस बना कर चंडीगढ़ भेजा जा चुका है और जब से उन्होनें बांध प्रशासन का चार्ज संभाला है तब से उनके द्वारा तीन रीमाईडर भी भेजे जा चुके है। इस के इलावा बांध प्रशासन लगातार उनके संपर्क मे है।  
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