शहीद मनिंदर जैसे जांबाजों के अमिट बलिदानों का राष्ट्र रहेगा सदैव ऋणी-अरुणा चौधरी

शहीद मनिंदर के नाम को समर्पित हुआ सरकारी माडल सीनियर सेकेंडरी स्कूल

गुरदासपुर 20 सितंबर (अश्वनी ) :- पुलवामा हमले में शहादत का जाम पीने वाले कांस्टेबल मनिंदर सिंह के बलिदान को शाश्वत रखने के लिए पंजाब सरकार के दिशा-निर्देशों पर कैबिनेट मंत्री अरुणा चौधरी द्वारा स्थानीय सरकारी माडल सीनियर सेकेंडरी स्कूल (लडक़े) का नाम दीनानगर के शहीद मनिंदर सिंह के नाम को समर्पित किया गया।  इस दौरान कैबिनेट मंत्री अरुणा चौधरी ने रिबन काटकर व स्कूल प्रिंसिपल के दफ्तर में शहीद मनिंदर के चित्र को सुशोभित कर इस नामकरण की रस्म को निभाया।

इस दौरान प्रिंसिपल जसकरणजीत सिंह काहलों की अध्यक्षता में एक श्रद्धांजलि समारोह का आयोजन भी किया गया। सर्वप्रथम मुख्यातिथि अरुणा चौधरी, शहीद कांस्टेबल मनिंदर सिंह के पिता सतपाल अत्तरी, भाई लखवीश सिंह, बहन लवली, डीएसपी महेश सैनी, शहीद सैनिक परिवार सुरक्षा परिषद के महासचिव कुंवर रविंदर सिंह विक्की, डिप्टी डीईओ सुरेश सैनी ने शहीद के चित्र के समक्ष ज्योति प्रज्जवलित व पुष्पांजलि अर्पित कर कार्यक्रम का आगाज किया।

श्रद्धांजलि समारोह को संबोधित करते हुए मुख्यातिथि कैबिनेट मंत्री अरुणा चौधरी ने कहा कि पुलवामा हमले में देश के विभिन्न राज्यों से शहीद हुए 40 जवानों की शहादत से सारा राष्ट्र दहल उठा था और उस हमले में दीनानगर के कांस्टेबल मनिंदर सिंह ने भी अपना बलिदान देकर अपना नाम शहीदों की श्रेणी में स्वर्ण अक्षरों में अंकित करवा क्षेत्र का नाम सारे देश में रोशन किया था। ऐसे जांबाजों के शौर्य व बलिदान का राष्ट्र सदैव ऋणी रहेगा। उन्होंने कहा कि आज इस स्कूल का नामकरण शहीद मनिंदर के नाम पर करते हुए वह खुद को गौरवांवित महसूस कर रही हैं तथा ऐसा करके उन्होंने शहीद परिवार पर कोई एहसान नहीं किया है, क्योंकि पंजाब सरकार शहीदों व उनके परिजनों के मान-सम्मान की बहाली के लिए हमेशा बचनबद्ध है, जिसकी मुख्य वजह यह है कि हमारे मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह खुद एक सैनिक हैं और उनके दिल में शहीद परिवारों के लिए अथाह सम्मान है।

उन्होंने कहा कि शहीद मनिंदर के प्रथम श्रद्धांजलि समारोह के मौके पर उसके परिजनों व शहीद सैनिक परिवार सुरक्षा परिषद के सदस्यों ने उनके समक्ष इस स्कूल का नाम मनिंदर के नाम पर रखने व उनके छोटे भाई लखवीश को पंजाब पुलिस में नौकरी देने की मांग रखी थी तथा शहीद परिवार व परिषद की इन दोनों मांगों को उन्होने विधानसभा में रखा था, जिसे मुख्यमंत्री ने शीघ्र प्रवानगी देते हुए इन दोनों मांगों को पूरा कर शहीदों के प्रति अपनी आस्था को जाहिर किया।परिषद के महासचिव कुंवर रविंदर सिंह विक्की ने कहा कि इस स्कूल का नामकरण एक शहीद के नाम पर होने से इस स्कूल का रुतबा मंदिर सम्मान हो गया है तथा वो भूमि तीर्थ स्थान तुल्य है, जहां शहीदों को नमन किया जाता है।

उन्होंने कहा कि कोई धर्म के नाम पर व कोई मजहब के नाम पर लड़ता है, लेकिन एक सैनिक 137 करोड़ हिंदोस्तानियों की सुरक्षा में अपने प्राणों की आहुति देकर अपना सैन्य धर्म निभा जाता है। कुंवर विक्की ने कैबिनेट मंत्री अरुणा चौधरी का आभार जताते हुए कहा कि इस स्कूल का नाम शहीद के नाम पर रख व उसके भाई को पंजाब पुलिस में नौकरी दिलाकर उन्होंने एक पुण्य का काम किया है, जिसके लिए उनकी परिषद सदैव उनकी ऋणी रहेगी।

प्रिंसिपल जसकरणजीत सिंह काहलों ने आए हुए मेहमानों का धन्यवाद करते हुए कहा कि शहीद मनिंदर सिंह जैसे जांबाज युवा पीढ़ी के रोल माडल हैं तथा उन्हें उम्मीद है कि हमारे स्कूल के छात्र शहीद मनिंदर के बलिदान से प्रेरणा लेकर अपने अंदर भी राष्ट्र पर मर मिटने का जज्बा पैदा करेंगे। इस मौके पर उनके द्वारा मुख्यातिथि व अन्य मेहमानों को स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया गया। इस मौके पर मंत्री के विशेष सहायक दीपक भल्ला, लेक्चरार नेक चंद, रिटा. लेक्चरार विजय महाजन, शहीद सिपाही जतिंदर कुमार के पिता राजेश कुमार, लेक्चरार कंवर अरुण सिंह, पुरुषोत्तम कुमार, सुमन कुमार, राकेश कुमार, नवदीप सिंह व सतिंदरजीत सिंह आदि उपस्थित थे।

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