IMP. NEWS : GREATEST MEDITATION : फालुन दाफा – मन और शरीर की साधना का अभ्यास,  114 से अधिक देशों में 10 करोड़ से अधिक लोग इसका अभ्यास कर रहे हैं

 

BANGLORE/ HOSHIARPUR (PUNJAB) (ADESH PARMINDER SINGH) फालुन दाफा (जिसे फालुन गोंग भी कहा जाता है) मन और शरीर की एक उच्च स्तरीय साधना पद्धति है. प्राचीन समय से यह पद्धति एक गुरु से एक शिष्य को हस्तांतरित की जाती रही है. वर्तमान समय में फालुन दाफा को पहली बार चीन में मई 1992 में श्री ली होंगज़ी द्वारा सार्वजनिक किया गया. आज, 114 से अधिक देशों में 10 करोड़ से अधिक लोग इसका अभ्यास कर रहे हैं. श्री ली होंगज़ी इन्हें स्वतंत्र विचारों के लिए ‘सखारोव पुरस्कार’ से सम्मानित किया गया और ‘नोबेल शांति’ पुरस्कार के लिए भी मनोनीत किया जा चुका है. फालुन दाफा और इसके संस्थापक, श्री ली होंगज़ी को, दुनियाभर में 1,500 से अधिक पुरस्कारों और प्रशस्तिपत्रों से भी नवाज़ा गया है.

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फालुन’ का अर्थ है विधान चक्र और ‘दाफा’ का अर्थ है महान मार्ग. यह विश्व की मूलभूत प्रकृति :

सत्य-करुणा–सहनशीलता के नियमों पर आधारित है. क्योंकि फालुन दाफा मन और शरीर की एक परिपूर्ण साधना पद्धति है, इसमें पांच सौम्य और प्रभावी व्यायामों का भी समावेश है, किन्तु बल मन की साधना या नैतिक गुण साधना पर दिया जाता है. नैतिक गुण के सुधार से शरीर में व्यापक परिवर्तन आते हैं.

शरीर की साधना के लिए इस पद्धति में 5 व्यायाम सिखाये जाते हैं जो इस प्रकार हैं :

•​व्यायाम 1: बुद्ध सहस्त्र हस्त प्रदर्शन व्यायाम

o​यह व्यायाम शरीर की सभी शक्ति नाड़ियों को खोलता है जिससे शरीर में शक्ति का प्रवाह निर्विघ्न हो सके. इस व्यायाम का अभ्यास करते हुए शरीर गर्माहट महसूस करेगा तथा एक अनूठी अनुभूति का अनुभव होगा जैसे वहां एक बहुत प्रभावशाली शक्ति क्षेत्र है. यह व्यायाम फालुन गोंग के आधारभूत व्यायाम के रूप में अभ्यास किया जाता है, तथा सामान्यतः पहले किया जाता है. यह साधना को मजबूती प्रदान करने वाली विधियों में से एक है.

व्यायाम 2: फालुन स्थिर मुद्रा व्यायाम

o​यह शांत भाव में खड़े रहने का व्यायाम है जिसमें चक्र को थामने की चार मुद्राएं है. व्यायाम के पश्चात सारा शरीर हल्का महसूस करेगा व किसी प्रकार की थकावट महसूस नहीं होगी. यह व्यायाम सारे शरीर को पूरी तरह खोल देता है व शक्ति सामर्थ्य को बढ़ाता है. फालुन स्थिर मुद्रा व्यायाम एक सघन साधना का तरीका है, जो विवेक बढाता है स्तर ऊँचा करता है व दिव्य शक्तियों को सुदृढ़ करता है.

•​व्यायाम 3: ब्रह्मांड के दो छोरों का भेदन व्यायाम

o​यह व्यायाम विश्व की शक्ति का शरीर की भीतरी शक्ति के साथ विलय करता है. इससे शरीर कि शुद्धि होती है. बहुत ही कम समय में अभ्यासी रोगग्रस्त ची अपने शरीर से बाहर निकाल सकते हैं तथा समुचित मात्रा में ब्रह्मांड कि शक्ति अंदर ले सकते हैं, जिससे उनका शरीर निर्मल और शुद्ध होता है.

•​व्यायाम 4: फालुन दिव्य परिपथ व्यायाम

o​यह व्यायाम महान दिव्य परिपथ को सक्रिय करता है. यह मानव शरीर कि सभी असामान्य परिस्थितियों को ठीक करता है. यह व्यायाम शक्ति नाड़ियों और महान व लघु दिव्य परिक्रमाओं को खोलने की साधारण विधियों की अपेक्षा कहीं श्रेष्ठ है. यह फालुन गोंग का मध्यम स्तर का व्यायाम है. पिछले तीन व्यायामों के आधार पर इस व्यायाम का उद्देश्य शरीर की सभी शक्ति नाड़ियों को खोलना है, जिससे पूरे शरीर में, ऊपर से नीचे तक, शक्ति नाड़ियाँ धीरे-धीरे एक दूसरे से जुड़ जाएं.

•​व्यायाम 5: दिव्य शक्तियों को सुदृढ करने का व्यायाम

o​यह अभ्यास बैठकर करने वाला एक उच्च स्तरीय ध्यान अभ्यास है, जो व्यक्ति के शक्ति सामर्थ्य और दिव्य शक्तियों को सुदृढ करता है. इस व्यायाम में दोनों पैरों को एक दूसरे के ऊपर रखकर बैठना होता है. पूर्ण कमल मुद्रा उत्तम है परन्तु अर्ध कमल मुद्रा भी स्वीकार्य है. व्यायाम के दौरान ची का प्रवाह बहुत प्रबल होता है और शरीर के आस-पास का शक्ति क्षेत्र बहुत बड़ा होता है.

स्वास्थ्य लाभ

फालुन दाफा में नैतिक गुण साधना प्राथमिक है; व्यायाम और ध्यान आवश्यक हैं, किन्तु अनुपूरक हैं. गुरु ली होंगज़ी द्वारा लिखित पुस्तक ज़ुआन फालुन के अनुसार “…. अपनी साधना शक्ति बढ़ा पाने में असफल रहने का मूल कारण यह है कि “साधना” और “अभ्यास” दो शब्दों में से, लोग केवल अभ्यास पर ध्यान देते हैं और साधना भूल जाते हैं…. आपकी वास्तविक प्रगति के लिए नैतिक गुण के प्रत्येक पहलू में सुधार आवश्यक है. यह शक्ति सामर्थ्य बढ़ाने के लिए निर्णायक पहलू है…. जैसे ही आप अपने नैतिक गुण में सुधार करते हैं, आपके शरीर में एक महान परिवर्तन होगा. नैतिक गुण में सुधार होने पर आपके शरीर के पदार्थ का रूपांतरण अवश्यंभावी है.”

फालुन दाफा मन और शरीर की एक परिपूर्ण साधना पद्धति है, यही कारण है कि फालुन दाफा अभ्यास से लोगों को कम समय में ही आश्चर्यजनक स्वास्थ्य लाभ प्राप्त होते हैं. पुस्तक “Life and Hope Renewed – The Healing Power of Falun Dafa” में फालुन दाफा अभ्यास द्वारा अनेक लोगों के गंभीर और जानलेवा बीमारियों से उबरने के अनुभव संकलित हैं.

डॉ औ, जो ताइवान के एक ओर्थोपेडिक चिकित्सक हैं और युद्ध कला के विशेषग्य तथा ताई ची के 15 वर्ष तक अभ्यासी रहे, ने यह सब फालुन दाफा के लिए छोड़ दिया. उनका का कहना है कि प्रशिक्षण द्वारा शारीरिक गठन और शक्ति का संचय करना धन एकत्रित करने के समान है जो केवल इसी जीवन तक सीमित रहता है. “आपकी मृत्यु के पश्चात यह सब समाप्त हो जाता है. केवल फालुन दाफा आपके पूर्व कर्म से मुक्ति दिला सकता है और इसी जीवनकाल में मन, शरीर…
हमारे देश में भी हजारों लोग दिल्ली, मुंबई, बैंगलोर, हैदराबाद, नागपुर, पुणे आदि शहरों में फालुन दाफा का अभ्यास कर रहे हैं. अनेक स्कूलों में इसका नियमित अभ्यास किया जाता है, जिसका सकारात्मक प्रभाव विद्यार्थियों के परीक्षा परणामों, नैतिक गुण और शारीरिक स्वास्थ्य में दिखाई पड़ता है.

फालुन दाफा का प्रदर्शन विभिन्न शहरों में आयोजित पुस्तक प्रदर्शनियों और सार्वजनिक स्थलों में किया जाता है. फालुन दाफा की निशुःल्क वर्कशॉप अपने स्कूल, कॉलेज या ऑफिस में आयोजित कराने के लिए इसके स्वयंसेवकों से संपर्क किया जा सकता है.

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